दाउद के इस चैनल में आईएसआई ने भी अच्छी खासी राशि का निवेश किया है. यही नहीं, बोल चैनल की मुख्य प्रायोजक है पाकिस्तान की एक बदनाम कंपनी एक्जैक्ट, जिसे अवैध शैक्षिक डिग्रियां बेचने में महारथ हासिल है, इसके अलावा इसे पोर्न साइट्स होस्ट करने वाली कंपनी बतौर भी पहचान मिली हुई है.
दाउद इब्राहीम और आईएसआई के इस साझा उपक्रम के लिए पाकिस्तान के मीडिया दिग्गजों को अकल्पनीय वेतन, आलीशान मकान, लग्ज़री कार और आकर्षक सुविधाओं का लालच देकर लाया जा रहा है. यहाँ तक की हाई प्रोफाइल एंकरों और टीवी शो होस्ट करने वालों को अंगरक्षक भी दिए जाने कि बात सामने आई है.
जियो चैनल के मुखिया को तो बोल चैनल एक करोड़ पाकिस्तानी रूपये (साठ लाख भारतीय रुपये) मासिक पर तोड़ कर ले भी आया है. जानकारी के अनुसार भारत या पाकिस्तान में इसे अब तक का सबसे बड़ा पैकेज माना जा रहा है. इसे देख पाकिस्तान के मीडिया संस्थान सांसत में फंस गए हैं. उनके समक्ष सबसे बड़ी समस्या है, अपने हाई प्रोफाइल एंकरों और टीवी शो होस्ट करने वालों को रोक कर रखने की. पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर मीडिया संस्थानों को अपने स्टाफ़ के वेतन और सुविधाओं में भारी बढ़ोतरी करनी पड़ी है.
दाउद इब्राहीम ने आर्थिक मसलों को सँभालने का भार छोटा शकील के कन्धों पर डाला है. पत्रकारों और अन्य स्टाफ़ की नियुक्ति का काम भी छोटा शकील ही देख रहा है. इसके लिए छोटा शकील कई पत्रकारों से निजी तौर पर मिल भी चुका है और मिलने मिलाने का यह सिलसिला तूफानी रफ़्तार से अंजाम दिया जा रहा है, क्योंकि दाउद इब्राहीम चाहता है कि बोल चैनल इसी साल के अंत तक ऑन एयर हो जाये.
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