मनीराम शर्मा ने अपनी अपील में लिखा है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समाचारों का अवलोकन करते समय देखने में आया है कि उसके साथ (विशेषत: इलेक्ट्रोनिक मीडिया) गिरफ्तारी का कोई अन्य चित्र प्रकाशित करते हैं. इन चित्रों में प्राय: गिरफ्तार व्यक्ति के अमानवीय ढंग से हथकड़ियां लगाई हुई और पीछे की ओर हाथ बंधे हुए दिखाए जाते हैं. इस प्रकार के काल्पनिक चित्रों से पाठकों में मन में यह गलत धारणा बैठती है कि पुलिस गिरफ्तारी के समय हथकड़ियां लगा सकती है और पुलिस द्वारा हथकड़ियां लगाना वैध है. वहीँ इस प्रकार अमानवीय दशा में हथकड़ियां लगे चित्र देखने से आम व्यक्ति के मन में पुलिस के प्रति अनावश्यक घृणा उपजती है और पुलिस की गलत छवि झलकती है.
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट और कानून द्वारा हथकड़ियों व बेड़ियों के प्रयोग पर भारत में काफी समय से प्रतिबन्ध है तथा विशेष परिस्थितियों में पुलिस इनका उपयोग मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही कर सकती है. अत: आपसे सादर अनुरोध है कि गिरफ्तारी के समाचार के साथ हथकड़ी लगे किसी काल्पनिक चित्र को प्रकाशित नहीं करें..
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वैसे हमारे कानून में हथकड़ी लगाना मना है उस पर ये तो बच्चा है
Posted by , Published at 03.37

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