निशिकांत ठाकुर ने भाजपा ज्वाइन कर 'आप' को निपटाने की सुपारी ली!

निशिकांत ठाकुर ने भाजपा ज्वाइन कर 'आप' को निपटाने की सुपारी ली!

निशिकांत ठाकुर ने भाजपा ज्वाइन कर 'आप' को निपटाने की सुपारी ली!
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                                                            Written by यशवंत सिंह

निशिकांत ठाकुर के नेतृत्व में ही दैनिक जागरण में एनसीआर से लेकर हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल तक में उगाही होती थी. कई सारे पत्रकारों ने लिखित रूप से आरोप लगाए. प्रेस काउंसिल से लेकर कहां-कहां तक कंप्लेन की. पर सियासी और मीडिया संरक्षण के कारण इस पेड न्यूज माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. दिल्ली-एनसीआर,  हिमाचल, कश्मीर, हरियाणा, पंजाब में हर जगह पर निशिकांत ने अपने खास आदमियों को बिठाया. भरसक कोशिश की कि उसके परिजन, दूर-नजदीक के रिश्तेदार बड़े पदों पर काबिज रहें ताकि बाहर का भेदी लंका न ढावे और घर का भेदी मिल-बांट कर खावे. बिल्डरों, नेताओं, अफसरों से तगड़ी सांठगांठ रखने वाला निशिकांत ठाकुर उन लोगों से खासकर खार खाता जो उसके गोरखधंधे पर सवाल उठाते या उसे उजागर करते. यही वजह है कि वह भड़ास से भी चिढ़ा रहता है. भड़ास ने निशिकांत ठाकुर और इसके गिरोह के कारनामों को समय-समय पर सप्रमाण उजागर किया है और आगे भी करेगा, इसलिए निशिकांत ठाकुर ने फर्जी मुकदमों के जरिए भड़ास और इससे जुड़े लोगों को प्रताड़ित परेशान करने में कोई कोर कसर न छोड़ी.
पर उपर वाले की लाठी ऐसी पड़ी कि इसे लाख प्रयास के बावजूद दैनिक जागरण से बड़े आबरू होकर बाहर जाना पड़ा. जो लोग प्राण जाने तक जागरण से इसके जुड़ाव की बात करते थे, वे झूठे साबित हुए. एक्सटेंशन और पुनर्नियुक्ति की सारी कोशिशें बेकार साबित हुईं. अब तो निशिकांत के चेले चापड़ों को भी द्रुत गति से दैनिक जागरण से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. ऐसे में भागते भूत की लंगोटी वाले मुहवारे की तर्ज पर खुद को रसूखदार और प्रभावशाली दिखाने के लिए इसने राजनीति की राह पकड़ी है, भाजपा के नेताओं को अपनी कथित अहमियत समझाकर.
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली भारतीय जनता पार्टी को पेड न्यूज का यह माफिया मुबारक.
अब लोगों को यकीन हो चला है कि करप्शन के मामलों में भाजपा सही मायने में कांग्रेस की बी-टीम है. ऐसा अगर न होता तो निशिकांत ठाकुरों को भाजपा में जगह नहीं मिलती.

दैनिक जागरण मूलतः सवर्ण, सामंती, ब्राह्मणवादी और परंपरावादी सोच का अखबार है और इसी सोच-लाइन पर चलने वाली पार्टी है भारतीय जनता पार्टी. ये दोनों (मीडिया और पार्टी) स्वभाव से दलितों, पिछड़ों, गैर-हिंदुओं, प्रगतिशीलों, तार्किकों और लोकतांत्रिक सोच के लोगों के विरोधी हैं और इनसे जलन रखते हैं. यही कारण है कि समय-समय पर दैनिक जागरण ने दलितों-पिछड़ों की प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों और इसके नेताओं के खिलाफ अभियान चलाया. कभी मायावती के बारे में अपशब्द प्रकाशित किया तो कभी मुलायम-अखिलेश के खिलाफ इसलिए अभियान चलाया कि इसके मालिक को सपा ने दुबारा राज्यसभा में नहीं भेजा. समय समय पर इसने मुस्लिमों के खिलाफ अनाप-शनाप खबरों, अफवाहों का प्रकाशन किया. यही काम भारतीय जनता पार्टी का भी रहा है. मुजफ्फरनगर दंगों में भाजपा और दैनिक जागरण की जुगलबंदी का विश्लेषण कर सच्चाई को आप जान-समझ सकते हैं.

आजकल भारतीय जनता पार्टी और दैनिक जागरण, दोनों ने आम आदमी पार्टी को निपटाने का अभियान चला रखा है. जागरण के मालिकों ने अंदरखाने अपने पत्रकारों को साफ आदेश दे रखा है कि केजरीवा को फोड़ दो. माना जा रहा है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के एक बड़े अभियान के तहत निशिकांत ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी में लाया गया है. अब निशिकांत ठाकुर सुपारी पत्रकारिता के तहत भाजपा में रहते हुए अपने मीडिया के लिंक का इस्तेमाल कर आम आदमी पार्टी और इसके नेताओं के खिलाफ बड़े नकारात्मक अभियानों को मूर्त रूप देंगे, दिलाएंगे.
जै हो तेरी निशिकांत ठाकुर...
उम्मीद करते हैं कि भाजपा की नेतागिरी करते हुए और 'आप' को निपटाने की साजिशें रचते हुए तुम अपने दिल को सही-सलामत रखने के लिए दिन में कुछ घंटे रोजाना-सो लिया करोगे ताकि लंबे समय तक 'राजनीति' कर सको, कभी मीडिया में रहकर, कभी सियासी दंगल में उतरकर.
भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. संपर्क: 09999330099
Posted by jasika lear, Published at 02.37

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