देवास पुलिस के अनुसूचित जाती जनजाति थाने में पहले तो पुलिसकर्मी ने जमकर शराब पी फिर रोजनामचा फाड़ डाला, यही नहीं मीडिया के कैमरा देखने के बाद थाने के स्टाफ पर रिश्वत खोरी का आरोप लगाया। माजरा करीब 1 घंटे से अधिक समय तक चला।
अनुसूचित जाती जनजाति थाने में पदस्त प्रधान आरक्षक अनिल येवले ने पहले तो थाने में शराब पी फिर हंगामा कर थाने का रोजनामचा फाड़ डाला। शराब के नशे में उसने अन्य पुलिस कर्मियों पर रिश्वत खोरी का भी आरोप लगाया। जब आला अफसरों को हंगामे की सूचना लगी तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को भेजा जिसने उसे हिरासत में लेकर मेडिकल के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार आला अफसर ये तय करेंगे की क्या कार्यवाही की जाये।
Posted by , Published at 04.11



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