पुलिस कर्मियों के दुराचार की शिकार पीड़िता के घर समर्थकों की भीड़ लेकर जाने पर योग गुरु रामदेव को अनुसूचित जाति आयोग ने फटकार लगाई है।
आयोग ने कहा है कि बाबा ने मामले की संवेदनशीलता न समझते हुए पीड़ित परिवार की पहचान उजागर कर दी है। आयोग के वाइस चेयरमैन राज कुमार वेरका ने रविवार को किसी स्थान पर पीड़ित परिवार से मुलाकत की और हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि आयोग ने चंडीगढ़ प्रशासन से इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने लड़की के 18 वर्ष की होने पर उसे सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
कांग्रेस ने की शिकायत
दूसरी ओर युवा कंग्रेस ने भी इस मामले में रविवार को रामदेव की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग से की। यूथ कांग्रेस चंडीगढ़ के महासचिव यादवेंद्र मेहता ने आयोग से आग्रह किया है कि रामदेव ने समर्थकों की भीड़ के साथ पीड़िता के घर जाकर उसकी पहचान सार्वजनिक कर दी।
इससे पहले आसपास के लोगों को भी पीड़िता के घर का पता नहीं था। अब इस परिवार का वहां रहना दूभर हो गया है। बाबा रामदेव पर आपराधिक मामला दर्ज कराया जाना चाहिए।
मेहता ने कहा कि वह सोमवार को आईजी से मिलकर रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।
साभार - अमर उजाला
Posted by , Published at 01.31

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