जोधपुर. यौन शोषण के आरोप में जेल की हवा खा रहे आसराम की यह दीवाली काली रहने वाली है. शनिवार को जोधपुर की एक स्थानीय अदालत ने आसाराम सहित चार अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 6 नवंबर तक बढ़ा दी है.
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने आसाराम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए एक दिन का समय मांगा था जिसे न्यायालय ने मान लिया था. लेकिन शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान भी जाँच अधिकारी आरोपपत्र दाखिल करने में नाकामयाब रहे और उन्होंने सत्र न्ययालय से अधिक समय की मांग की.
सत्र न्यायाधीश ने इसे मानते हुए आसाराम की न्यायिक हिरासत एक बार फिर बढ़ा दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि अब 6 नवंबर को ही पुलिस उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करेगी. सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने आसाराम के खिलाफ काफी सुबूत इकठ्ठा कर लिए हैं और वह आरोपपत्र में उनके खिलाफ जिस्मफरोशी का धंधा चलाने का मामला भी चलाया जा सकता है.
इस मामले में आसाराम के अलावा छात्रावास निदेशक शरद, वार्डन शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता, सेवादार प्रकाश और रसोइए प्रकाश को चार्जशीट में आरोपी बनाया है. आसाराम को मुख्य आरोपी जबकि अन्य लोगों को साजिश में सह-आरोपी माना गया है.
उल्लेखनीय है कि एक 16 वर्षीय किशोरी ने आसाराम बापू पर जोधपुर शहर में स्थित उनके आश्रम में उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था जिसके बाद आसाराम बापू को गिरफ्तार कर लिया गया था.
Posted by , Published at 06.28
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