अवैध नलकूप खनन का
एक तरफ कंपनी की ओर से कहा जा रहा है कि कंपनी हर प्रकार के कानूनी दांवपेचो के खिलाफ अपनी ओर से कानूनी लड़ाई के लिए तैयार है लेकिन दुसरी ओर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि याचिकाकत्र्ता और कंपनी तथा शिकायतकत्र्ता को लेकर कुछ बिचौलिए के बीच सुलह का रास्ता निकाला जा रहा है जिसको लेकर शुरू की गई सौदेबाजी एक करोड़ तक पहुंच गई है। इधर जबसे एक करोड़ के आफर की $खबर लीक हुई है तबसे एक दर्जन से अधिक तथाकथित पर्यावरण प्रेमी एवं जनहित के ठेकेदारो ने भी कंपनी को अपनी - अपनी ओर से पूरे मामले को लेकर दर्जनो याचिकाए हाईकोर्ट में लगाने की बाते प्रचारित की जा रही है। जानकार सूत्रो का कहना है कि पूरे मामले को लेकर अब सत्तापक्ष के कुछ विधायको ने भी बैतूल की ओर अपनी आवाजाही बढ़ा दी है। फोरलेन निमार्ण कार्य में लगी कंपनी के ऊपर बैतूल से चिचंडा के बीच 60 किलोमीटर के कार्य क्षेत्र में सबसे अधिक कंपनी के खिलाफ किसानो की ओर से शिकवा - शिकायती मामले सामने आ रहे है लेकिन खबर लिखे जाने तक पूरे मामलो को लेकर कोई भी किसान या कंपनी से पीडि़त पक्ष उच्च न्यायालय की शरण में नहीं गया है। किसानो की आड़ में तथाकथित समाजसेवियों एवं जनहित के कार्यो में लगे लोगो की दिलचस्पी इन दिनो चौक चौराहो पर तरह - तरह की अटकलो के बाजारो को गर्म कर रही है।
Posted by , Published at 07.53

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